प्रदूषण मुक्ती को धरती तरसती।
जहर का कार्य किसी इंसान जीव की जान लेने तक ही सीमित नहीं है। अपितु यह किसी राष्ट्र को समूचा समाप्त करने की छमता विधमान होती है। और जहर का एक सच्चा साथी प्रदूषण है जिसकी चपेट में आने से अनेकों बीमारियां घर करने लगती हैं। प्रदूषण कोई एक प्रकार किसी स्थान को अपने कब्जे में ले ले तो वह अपने साथ की अन्य प्रकार के प्रदूषण को भी स्थान देता है। जैसे किसी स्थान पर मृदा प्रदूषण हैं तो उस क्षेत्र में धीरे-धीरे वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण आदि भी हावी होने लगते है। इस जहर के फैलने का प्रमुख श्रेय हम मानव को जाता है। जो अपनी सुविधाओं के लिए नाना प्रकार की रसायनों, खनन, उद्दोगों, वाहनों का प्रयोग करके प्रकृति के विरूद्ध कार्य करते है।लेखक - शिवम तिवारी

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